Forest ‘degradation’ in the Himalayan region has been a preoccupation of conservation policies of the State. Though ‘joint
Tag: LAHAUL
Bano Haqq Kathare highlights diminishing role of community in forest management in HP.
A documentary film by Himdhara Collective based in Himachal Pradesh narrates the story of forest rights and traces the unrecognized
Film || बणःतु हको कथाःरे Bana-Tu Haqo Kathare | Forest Rights Chronicles
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ये जंगल किसके हैं?
‘हमारे नहीं तो और किसके?
Press note: 20 July, 2021|Forest Rights Act awareness campaign amongst Lahaul valley Mahila Mandals
हिन्दी
वन अधिकार कानून 2006: जनता की मांगों के साथ 22 जुलाई को जिला-स्तरीय कार्यक्रम का आव्हान!
वन अधिकार कानून देश में लागू हुए एक दशक
प्रेस विज्ञप्ति: वन अधिकार कानून के अंतर्गत जल्द से जल्द मिलें अधिकार: वन अधिकार मंच, 2 मई 2018
2 मई 2018
शिमला
हिमाचल वन अधिकार मंच के सदस्यों
Lahaul people write to Environment Committee not to clear Reoli Dugli Hydro project
The Environment Appraisal Committee
River Valley Projects
Ministry of Environment and Forests
New Delhi
Forest Rights Act community trainings at Lahaul and Sirmour
In October the Himachal
संकट में पहाड़: जल विद्युत् परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्रों के लिए पुस्तिका प्रकाशित
पिछले दो दशकों से देश व प्रदेश की नीतियों के चलते हिमालयी क्षेत्र में जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण को बढ़ावा दिया गया है। स्थिति यह है कि आज हिमालयी क्षेत्र में लगभग सभी छोटी बड़ी नदियों पर जलविद्युत परियोजनाएं बन रही हैं। इन परियोजनाओं के स्थानीय जनता व पर्यावरण पर बहुत गहरे प्रभाव पड़ रहे हैं जिनको सरकारी अधिकारीयों, योजना बनाने वालों व परियोजना प्रबंधकों के द्वारा नज़रंदाज किया गया है। आज की विकास की प्रणाली में आखिर स्थानीय जनता और पर्यावरण की क्या जगह है जब सरकार और निजी कंपनियां मुनाफ़ा कमाने की दौड़ में हैं ? और लोकतंत्र में कौनसी जगह है जहां आम जनता इन परियोजनाओं पर सवाल उठा सकती है या अपने अधिकारों का हनन होने से रोक सकती है? इन सवालों का उत्तर देने की कोशिश करती है यह पुस्तिका।
इस पुस्तक की मदद से जल विद्युत् या पहाड़ी क्षेत्र में बड़े निर्माण कार्यों से प्रभावित लोग परियोजनाओं के प्रभावों, पर्यावरण संबंधी कानूनी प्रावधानों व अपने अधिकारों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें।इस दस्तावेज़ के अन्तिम भाग में हमने ऊर्जा क्षेत्र व जलविद्युत परियोजनाओं के तकनीकी पहलुओं व इनकी राजनीति से संबंधित कुछ बुनियादी सवालों पर अपना नज़रिया रखने की कोशिश की है।
हमारा मनना है कि आज हिमालयी क्षेत्र पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जो पर्यावरणीय, सामजिक, भौगौलिक और आर्थिक कठिनाइयां इन क्षत्रों को देखनी पड़ रहीं हैं उनमें प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन का बड़ा योगदान है… और यहां की स्थानीय जनता को ही इस संकट से उभरने के रास्ते निकालने भी होंगे।
पुस्तिका की कॉपी आप यहां से डाउनलोड कर सकते हैंं।
हिमधरा समूह एक स्वायत संगठन है। हम सवतंत्र रूप से अध्ययन करते हैं और जनता की आवाज़ को तथ्यों के साथ मज़बूती देना ही हमारा काम है। साथ ही पहाड़ की नदियाँ और वन के संरक्षण के लिए कार्यरत हैं ।
Press Statement 1/12/15 : Kinnaur in crisis; Sheer Negligence in hydro projects claiming lives. Who is accountable?
In the last two weeks a half a dozen lives have been lost in the Kinnaur region alone in three separate
