21 to 28 February 2022
Sambhaavnaa Institute, Village: Kandbari, Tehsil: Palampur, District: Kangra, Himachal Pradesh
21 to 28 February 2022
Sambhaavnaa Institute, Village: Kandbari, Tehsil: Palampur, District: Kangra, Himachal Pradesh
इस शिविर में संसद द्वारा पारित वन अधिकार कानून 2006
In December 2006, the Scheduled tribes and Other Traditional Forest Dwellers (Recognition of Forest Rights) Act was tabled and passed
The Theme
What do the mountains mean to us? Every time we say, “The mountains are calling”, the other side of
Representatives of environmental and community organisations of Himachal Pradesh have raised objections to the recent draft published by the Ministry of Environment, Forests & Climate Change proposing amendments to the Forest Conservation Act 1980. The submission signed by 24 organisations and individuals raises concerns about:
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चरान खड्ड बस्ती पुनर्वास समिति व नागरिक अधिकार मंच, कांगड़ा के सदस्यों ने आज एडीसी, कांगड़ा राहुल कुमार से मुलाकात कर 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
12 जुलाई 2021 को हुई तेज बारिश व माँझी खड्ड में बाढ़ आने कारण चरान खड्ड बस्ती, धर्मशाला से विस्थापित लोग भी अनछुए नहीं रहे हैं। 16-17 जून 2016 को नगर निगम धर्मशाला ने चरान खड्ड से 290 परिवारों को बिना किसी पुनर्वास के उजाड़ दिया था। जिनमें से लगभग 50 परिवार मनेड़ पंचायत के चैतड़ू गाँव में मांझी खड्ड के किनारे किराये कि जमीन पर रह रहे थे। तेज बारिश व मांझी खड्ड में बाढ़ के कारण इन परिवारों कि झुग्गीयां, सामान व जरूरी दस्तावेज़ बाढ़ में बह गए और ये परिवार दोबारा से बेघर हो गए हैं।
चरान खड्ड बस्ती पुनर्वास समिति के ब्रेजेश बताते हैं कि “2016 से 2020 तक हमने प्रशासन को मांझी खड्ड में बाढ़ से खतरे के विषय पर कई पत्र लिखे और अधिकारियों से मुलाक़ात करके भी अवगत करने का प्रयास किया है। यह बेहद दुखद व निराशाजनक है कि प्रशासन ने हमेशा ही बाढ़ के खतरे को नजरंदाज किया जिसकी मार आज हम बेघर परिवार झेल रहे हैं”।
ज्ञापन में चरान खड्ड बस्ती पुनर्वास समिति ने सरकार से मांग करी है कि